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पिनाटाकलानचो
Kalanchoe pinnata
मैं कैलानचो पिन्नाटा की वृद्धि विशेषताओं, प्रसार विधियों, खेती विधियों, बागवानी में उपयोग, प्रमुख कीटों और रोगों तथा नियंत्रण विधियों के बारे में बताऊंगा। वृद्धि विशेषताएँ कैलानचो पिन्नाटा एक रसीला पौधा है जिसके पत्ते घने होते हैं और यह आमतौर पर लंबा बढ़ता है। इसे पर्याप्त धूप चाहिए और मध्यम तापमान और आर्द्रता में इसकी वृद्धि सर्वोत्तम होती है। इसे अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी पसंद है। प्रसार विधियाँ कैलानचो पिन्नाटा का मुख्य प्रसार पत्ती की कलमों द्वारा किया जाता है। यदि आप एक स्वस्थ पत्ती को काटकर मिट्टी में रखते हैं, तो पत्ती के किनारों से नई जड़ें और अंकुर निकल आएंगे। तने की कलमों द्वारा भी इसका प्रसार संभव है। खेती विधियाँ - मिट्टी: रेत या पर्लाइट के साथ मिश्रित अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की अनुशंसा की जाती है। - पानी देना: मिट्टी सूखने पर पानी दें, अच्छी जल निकासी सुनिश्चित करें। - धूप: सीधी धूप वाला स्थान उपयुक्त है, लेकिन अत्यधिक तेज धूप से बचना चाहिए। 4. तापमान: 15 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच का तापमान उपयुक्त है। बागवानी में उपयोग कलानचो पिन्नाटा मुख्य रूप से गमलों में या घर के अंदर उगाया जाता है, लेकिन इसे हल्के जलवायु वाले बाहरी बगीचों में भी उगाया जा सकता है। इसके अनोखे पत्ते और आकर्षक फूल इसे बेहद सुंदर बनाते हैं। महत्वपूर्ण कीट और नियंत्रण विधियाँ - फफूंदी: पत्तियों पर एक सफेद पाउडर जैसा पदार्थ दिखाई दे सकता है; हवा का संचार बढ़ाकर और पानी देने का समय समायोजित करके इसे रोका जा सकता है। - कीट: एफिड्स या स्केल कीट लग सकते हैं और इन्हें साबुन के पानी या कीटनाशकों से हटाया जा सकता है। - फफूंद रोग: ये अत्यधिक नमी के कारण हो सकते हैं; जल निकासी में सुधार और हवा का संचार बढ़ाना आवश्यक है। कलानचो पिन्नाटा एक अपेक्षाकृत आसानी से देखभाल किया जाने वाला पौधा है जो उपयुक्त वातावरण में स्वस्थ रूप से विकसित हो सकता है।
पादप परिवार
स्टोनक्रॉप परिवार
ऊंचाई
50~200cm
रंग
हरा
खिलने की अवधि
मार्च से मई तक
पानी की आवश्यकताएँ
आमतौर
खुलासा
धूप वाला
ठंड प्रतिरोध
-2°C
सन्ने गलांगा
Kaempferia galanga
चेओन्सेओन्चो
Kalanchoe daigremontiana