15 सितंबर 2026 को प्रकाशित समाचार में रॉयल बॉटैनिक गार्डन एडिनबरा ने कहा कि घासभूमियों के वैश्विक महत्व पर काम कर रहे उसके वैज्ञानिक इन महत्वपूर्ण आवासों की रक्षा के लिए अधिक मजबूत गठबंधनों की मांग कर रहे हैं।
गार्डन ने बताया कि घासभूमियां पृथ्वी की भूमि सतह के 40 प्रतिशत से अधिक हिस्से को ढकती हैं और पिछले 1 करोड़ वर्षों से कार्बन पकड़ने की महत्वपूर्ण प्रणालियां रही हैं। इन्हें खाद्य उत्पादन को सहारा देने और विविध वन्यजीवों को आश्रय देने वाले पारिस्थितिक तंत्र के रूप में भी वर्णित किया गया।
यह घोषणा एडिनबरा गार्डन के जॉन होप गेटवे विज़िटर सेंटर में आयोजित ‘Grasslands’ प्रदर्शनी से जुड़ी है। 31 जुलाई 2026 से 10 जनवरी 2027 तक चलने वाली यह प्रदर्शनी तस्वीरों, पारंपरिक शिल्प और चित्रों के माध्यम से घासों की विविधता और पारिस्थितिक कार्यों को दिखाती है।
प्रदर्शनी जानकारी के अनुसार, घासभूमियां अंटार्कटिका को छोड़कर हर महाद्वीप में पाई जाती हैं और कार्बन भंडारण, जल चक्र के नियमन तथा परागण करने वाली मधुमक्खियों से लेकर चरने वाले हाथियों तक अनेक प्राणियों को सहारा देने में मदद करती हैं। प्रवेश निःशुल्क है और स्थल जॉन होप गेटवे गैलरी है।
गार्डन ने कहा कि केवल ब्रिटेन में ही प्रजाति-समृद्ध घासभूमियों का 97 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खो चुका है। विज्ञप्ति में रेजियस कीपर जूलिया नाइट्स ने जोर दिया कि इस क्षति का अर्थ महत्वपूर्ण वन्यजीव आवासों और कार्बन भंडारों का लोप है।
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